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Nand Lal Mani Tripathi

Action Inspirational


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Nand Lal Mani Tripathi

Action Inspirational


मातृ भूमी

मातृ भूमी

1 min 281 1 min 281

तेरे चरणों में शीश झुकाते है

है मातृ भूमि तुझे प्रणाम

तेरे मस्तक पर अपने रक्त

तिलक लगाएंगे

यदि शत्रु आंख दिखाए

उसके ही रक्त से अभिषेक

तेरा हम करते है

जननी ने जन्म दिया

छोड़ दिया तेरे आँचल में

तू जननी जन्म भूमि है

तेरी मर्यादा की रक्षा में

तेरी हम संतान शीश चढ़ाते है।।


तेरे ही वर्तमान का तेरा हम

अभिमान अतीत के अपमानों

से तुझे मूक कर आज तेरी

पीड़ा वेदना का हिसाब चुकाते है

 तेरी मर्यादा में ना जाने 

अतीत में तेरी संतानों ने

बलिदान दिया उनके बलिदान

उद्देश्य पथ को पथ अपना बनाते है

बर्बरता क्रूरता ने रौंदा था तुझको

आज काल की पुकार में उनको

सबक सिखाते है।।


संकुचित सोच के तुच्छ 

मनुज ने ही तेरे टुकड़े कर 

डाले शायद उनको पता नहीं

तेरी वेदना का आज फिर वही

ताकते तुझे कर रही फिर से 

लज्जित लेकर धर्म निर्पेक्षता की

आड़ करते नंगा नाच 

आस्तीन में छुपे सांपों को

अस्तित्व पराक्रम पुरुषार्थ की

बीन पर उन्हें नचाते है।

सर तेरा अब ना झुकने देंगे

मान तेरा ना मिटने देंगे 

चाहे जो भी हो काल परिस्थिति

तेरी अक्षुण्ण अक्षय मर्यादा को

फिर अब हम ना मिटने देंगे।।



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