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Laxmi Tyagi

Romance

4  

Laxmi Tyagi

Romance

पिता का प्यार

पिता का प्यार

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इक छत है

इक आस है  

इक सुरक्षा है

इक सपना है

इक तमन्ना है


इक परिवार है। 

इक विश्वास है। 

गहरी शांति है

सागर है वो ! 


ईश्वर तुल्य है

 दाता है वो !

पिता का प्यार !

दिखता जो नहीं 

संपूर्ण संसार है। 


जो देखता अपने

भविष्य में......... 

अपने बच्चों की उन्नति !

करता मार्ग प्रशस्त है। 

ऐसा पिता का प्यार है। 


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