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JAYANTA TOPADAR

Inspirational Children

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JAYANTA TOPADAR

Inspirational Children

पीछे मुड़कर जो देखा...

पीछे मुड़कर जो देखा...

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शैशव काल है सर्वश्रेष्ठ समय जीवन का...

प्रकृति के संपर्क में आकर हरेक शिशु

स्वयं को विजेता मान लेता है...!


उसे फिक्र नहीं मुनाफा-नुकसान का...

वो देखता नहीं भिन्नता एक-दूसरे में...

उसके लिए तो सब एक हैं...!


मगर वक्त के साथ हरेक इंसान

जीवन में कई तरह की

मुसीबतों का सामना करता है...


पल-पल बचपन हमें

अपने गुज़रे वक्त के

सुनहरा सपनों की दुनिया में

ले जाता...

हम तो बस उन यादों में ही

थोड़ा-सा जी लेते हैं...!


यहाँ तो ज़माने भर की

जद्दोजहद है... और है बस भीड़,

कतार और सबसे आगे निकल पड़ने की होड़...


ये ज़िन्दगी है भी, तो ये कैसी बेबसी...??



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