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Priyanka Gautam

Romance


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Priyanka Gautam

Romance


फिर निकला है चाँद पुराना

फिर निकला है चाँद पुराना

1 min 360 1 min 360

फिर निकला है चाँद पुराना 

नए कल की ख़बर लेकर

तो आज अटारी पर बैठे हैं

कुछ पन्नें और एक कलम लेकर

ज़माने बाद छंटी है बदरी

चहकते परिन्दे आये हो जैसे

रौशन भरा एक सहर लेकर।


बह रही ये नम हवा

तेरे स्पर्श कि महक लेकर

फिर निकला है चाँद पुराना 

नए कल कि ख़बर लेकर

तेरे लौटने कि आस लिए

बंज़र पड़ी निग़ाहों में

समन्दर की एक लहर लेकर।


क़रार के बेमिसाल किस्से

और अधूरे से कुछ जख़्म लेकर

डूबे कुछ यूं 

कि होंठों को लगाने बैठे 

एक प्याले में यादों भरा ज़हर लेकर।


फिर निकला है चाँद पुराना 

नए कल कि ख़बर लेकर

ये खिलती रातरानी आई है

तेरी मुस्कुराहट का कहर लेकर।


किताबों में दबे यूं महकते ये गुलाब

सोंधी खुशबू में सने

पहली बारिश की बरख लेकर

बेलों से टपकते आंसू देख

छिप रहा है चाँद, पत्तों में कहीं

फिर तुझसे मिलने की चमक देकर।


फिर निकला है चाँद पुराना 

नए कल कि ख़बर लेकर।


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