STORYMIRROR

Poonam Kaparwan

Tragedy Others

3  

Poonam Kaparwan

Tragedy Others

फिलहाल

फिलहाल

1 min
226

थोडा रुक जाऊँ मैं

थक गई चलते चलते


रूप देखे जिंदगी के

फिलहाल मैं फटेहाल हूँ!!!!!!


रिश्तों को अपनाया

दिल की धडकन की तरह


सब मस्त है जिंदगी में अपनी

फिलहाल मैं आज कंगाल हूँ !!!!!!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy