STORYMIRROR

Pragati kumari

Romance Tragedy

3  

Pragati kumari

Romance Tragedy

पहचान

पहचान

1 min
259

तेरा मेरा साथ अभी भी है...

रोकना है रोक लो ठहर जाऊंगा...

फिर ढूंढोगे तो कहीं नजर नहीं आऊंगा...

जहां मुझे पहचानने में की गलती...

तेरी पहचान मिट्टी में दब जाएगी...

अभी भी वक्त है मुझको पहचान लो...


क्या करोगे किसी और के हाथ थाम कर...

अब हाथों में हाथ टिकते नहीं...

जो एक बार मेरा हाथ थाम लो...

वादा करता हूं वह हाथ गिरने नहीं दूंगा...

थाम कर तो देखो, पहचान कर के तो देखो...


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance