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Sunita Chavda

Romance

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Sunita Chavda

Romance

पागल दिल दिवाना

पागल दिल दिवाना

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तुम्हारा रोज राहों मे मिलना

मुझे देखकर तुम्हारी पलकें झुकना

और फिर शरमा जाना

रह रहकर याद आती है तुम्हारी

अब तुम बिन नहीं रहा जाता जाने जाना

तुमको भी शायद मुझसे प्यार है

तभी तो रोज हो जाता है

हमारा आपस में टकराना

मिलके एक बार इकरार कर लो तुम

नही तो कुछ भी कर लेगा

ये पागल दिल दीवाना।


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