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Sunita Chavda

Drama Tragedy

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Sunita Chavda

Drama Tragedy

बंद दरवाजे

बंद दरवाजे

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हम तो इस गमे जिंदगी से हारे हुए हैं

यहां ना कोई अपना बेगाने सारे हुए हैं


रोशनी कहीं दिखाई नहीं देती

अंधेरे हर रास्ते हुए हैं


मंजिल हम खुद ही ढूंढ लेते किसी के बगैर

मगर सब दरवाजे बंद हमारे वास्ते हुए हैं।


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