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Sunita Chavda

Abstract

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Sunita Chavda

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अपने

अपने

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जीने के लिये यहां ज़िंदगी से,

बढ़कर कुछ नहीं

उस पर साथ हो अगर अपनों का,

तो कोई दुःख नहीं

कितनी आसान हो जाती हैं सब परेशानी,

इन रिश्तों में

क्यूंकि अपनों के सिवा औरों से यहाँ खुशी नहीं 

मिलती,

मांगने से भी किश्तों मैं....।।



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