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Sunita Chavda

Abstract

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Sunita Chavda

Abstract

तुझे ही चाहा है जिदंगी

तुझे ही चाहा है जिदंगी

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इतना ऐ जिंदगी,

हमें सताया ना कर,

अभी तो तय करना है,

तेरे साथ लंबा सफर

हमने तो ठोकरें खाकर भी,

तुझे गले से लगाया है

फिर भी मंजूर है तेरा हर सितम,

क्यूं कि हमने तुझे ही चाहा है..।।


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