STORYMIRROR

Sarita Tripathi

Classics Inspirational

4  

Sarita Tripathi

Classics Inspirational

नववर्ष

नववर्ष

1 min
369

खुशियाँ घर आँगन सदा, साथ रहे परिवार। 

नये साल के आन पर, दुनिया बरसे प्यार।। 


बीत गया जो वर्ष अब, मन नहि हो अफसोस। 

आने वाला दे सदा, पग पग सबको जोश।। 


रात गयी औ बात गयी, मंत्र करो प्रयोग। 

जीवन में नहि फिर करे, अपना दुरूपयोग।। 


साथ चलो जो चल सके, मंजिल तक बिन व्याध। 

बात बात पर जो तजे, नहीं मिलाओ काँध।। 


साथी हो संसार सब, बिना मोल के मान। 

धरती फिर खुशहाल हो, सभी जिए सम्मान।। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics