STORYMIRROR

Chitra Chellani

Classics

4  

Chitra Chellani

Classics

नवांकुरों में नित्य

नवांकुरों में नित्य

1 min
221

माँ भारती को मातृशक्ति का ये उपहार हो 

नवांकुरों में नित्य राष्ट्रभक्ति का प्रसार हो 


जो झूली फाँसियों पे थी वो इंकलाब की कथा 

वो शौर्य की प्रताप और लक्ष्मी बाई सी प्रथा 

सुभाष की आज़ाद फौज शत्रु जिससे काँपता 

स्वतंत्रता का यज्ञ रक्त की आहुति माँगता 


क्रांति की अलख जगे,कुरीति पर प्रहार हो 

नवांकुरों में नित्य राष्ट्रभक्ति का प्रसार हो


गांधी की तिलक की और बिपिन की सब कहानियाँ 

त्याग की डगर चलीं थी अनगिनत जवानियाँ

अखंड राष्ट्र के लिए प्रदीप से जो नित जले 

पटेल जैसा लाल अब हर इक कुटुंब में पले 


विवेकानंद के विचार का सदा प्रचार हो 

नवांकुरों में नित्य राष्ट्रभक्ति का प्रसार हो 


करें नमन उसे कि जो है रचयिता विधान का 

स्वतंत्र राष्ट्र के प्रतीक राष्ट्र संविधान का 

रहे स्मरण वो प्रहरी जो है हर प्रहर डटा रहा 

है जन्म भूमि पे ही नित्य प्राण जो लुटा रहा 


मातृभूमि वंदना हो चाहे जिस प्रकार हो 

नवांकुरों में नित्य राष्ट्रभक्ति का प्रसार हो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics