Chitra Chellani
Classics
सोख कर दर्द नस नस का
स्वयं में ढाल रखा है...
नैन बाँधों से ढुल ढुल कर
ज़लज़ला टाल रखा है
ज़माने में भले पहचान हो
"आँसू " अशक्ति के
हकीकत में इन अश्कों ने
हमें सम्भाले रखा है।
देहरी के दीप
नहीं है
सच दो, चाहे.....
आँसू
फ़र्क़
ईश्वर
आज़ादी
इश्क
अस्तित्व
मैं
इंतजार में तेरे बीत न जाएं दिल का मौसम बेदर्दी। इंतजार में तेरे बीत न जाएं दिल का मौसम बेदर्दी।
"आप" लिखे किसी साहेब को या देखे सामने कोई दबंग हैं। "आप" लिखे किसी साहेब को या देखे सामने कोई दबंग हैं।
तुम सबकी हर जरूरत का ध्यान रखना, हाँ, फिर भी भूल जाती हूँ मैं। तुम सबकी हर जरूरत का ध्यान रखना, हाँ, फिर भी भूल जाती हूँ मैं।
सलोनी राखी के त्यौहार पर है मेरा ये वादा तेरी राखी के धागों का सदा मैं लाज रखूंगा। सलोनी राखी के त्यौहार पर है मेरा ये वादा तेरी राखी के धागों का सदा मैं लाज रख...
बिना शब्दों के, वो कहती है, जीने का यही तरीका है। बिना शब्दों के, वो कहती है, जीने का यही तरीका है।
अपने घर के भगवान को, भूल रहा हर इंसान है। अपने घर के भगवान को, भूल रहा हर इंसान है।
अर्पण है आपको शुद्ध लड्डू और मेवा। देवा श्री गणेशा..... अर्पण है आपको शुद्ध लड्डू और मेवा। देवा श्री गणेशा.....
अगर हाथ थाम लेतीं हमारी टांगें तोड़ देने वाली स्त्रियां। अगर हाथ थाम लेतीं हमारी टांगें तोड़ देने वाली स्त्रियां।
रहे तो सच्ची मोहब्बत रहेंगे वर्ना बने एक आस्तीन का साँप रहेंगे... रहे तो सच्ची मोहब्बत रहेंगे वर्ना बने एक आस्तीन का साँप रहेंगे...
अपनी भाषा है हिंदी, बड़ी प्यारी है ये हिंदी, करना इसका सम्मान, देना इसको सदा तुम मान अपनी भाषा है हिंदी, बड़ी प्यारी है ये हिंदी, करना इसका सम्मान, देना इसक...
नाकाम बिन हिम्मत हमारी मुहब्बत चलती रही। नाकाम बिन हिम्मत हमारी मुहब्बत चलती रही।
यूं ही दूर रह कर हाल गर पूछोगे हम तो खैरियत ही कहेंगे..। यूं ही दूर रह कर हाल गर पूछोगे हम तो खैरियत ही कहेंगे..।
अब कहां वो राखी रही अब कहां वो राखी रही ! अब कहां वो राखी रही अब कहां वो राखी रही !
कार्तिकेय जी के साथ पधारो मेरे अंगना हे गणपति महाराज पधारो मेरे अंगना। कार्तिकेय जी के साथ पधारो मेरे अंगना हे गणपति महाराज पधारो मेरे अंगना।
यादों की बारात, कुछ और ही लम्बी होती। यादों की बारात, कुछ और ही लम्बी होती।
अनपढ़ भी बोले जिसको, ऐसी सुखद हमारी हिंदी। अनपढ़ भी बोले जिसको, ऐसी सुखद हमारी हिंदी।
जो भी तुमको सच्चे मन से धाता उसके सारे कष्ट मिटाते हो तुम। जो भी तुमको सच्चे मन से धाता उसके सारे कष्ट मिटाते हो तुम।
तो फिर जरूरत ही कहां रह जाती है स्त्रियों को किन्ही अभिलाषाओं की। तो फिर जरूरत ही कहां रह जाती है स्त्रियों को किन्ही अभिलाषाओं की।
मिले पूरा सम्मान "कमल"अब सब मिलकर यही विचार करो।। मिले पूरा सम्मान "कमल"अब सब मिलकर यही विचार करो।।
भाई 'विशू' को दुश्मन से प्यार हो गया है। भाई 'विशू' को दुश्मन से प्यार हो गया है।