नंदी जी
नंदी जी
बम_ बम _बम _बम _बम
भूतों का डेरा तेरा नंदी जी पहचान है
भंग तेरी पी के संग तेरे जी के भक्तों की तू जान है
भंग तेरी.....
भूतों सा.......
भंग......
2
हरिद्वार में बैठा है तू फिर भी भक्तों के पास है
हरिद्वार में.....
माथे पर तेरे चंदा जी चमके जटाओं में गंगा का वास है
देवो में हो देव निराले तेरा कोई जवाब नहीं
खुशियां दे कर दे भली हम सब का भगवान है
भंग....
भूतों.....
भांग तेरी.....
3
सावन का आया मस्त महीना धरती भी हो गई सारी हरी
सावन....
भक्तों के होठों पर तेरा ही नाम सांसो में सबके भंगिया घुली
डीजे बजाउगा कावड़ तेरी लाऊंगा
पूजा तेरी होगी किस्मत जागेगी
भूलना संग होंगे भक्त मगन होंगे
भक्तों की बाहों से कावड़ चढ़ेगी
कर देना थोड़ी दया सूरज शालू का अरमान है
भंग भूतों सा भंग
