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Gagandeep Singh Bharara

Romance

3  

Gagandeep Singh Bharara

Romance

नजरों का मिलाप

नजरों का मिलाप

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नजरों से हुआ मिलाप, तुमसे देखो,

ज़िन्दगी में आया जो सरूर, वो देखो,


बहके थे कभी हम भी, देखो,

तुमने तिनका थमाया, वो देखो,


राह में मिले काटें हज़ार, देखो,

तुमने फूलों से सजाया, वो देखो,


नाकामी से हुए हताश, हम देखो,

तुमने दिया तब भी साथ, वो देखो,


कमी थी ज़िन्दगी में कुछ ख़ास, देखो,

तुमने थामा जो मेरा हाथ, वो देखो।


नजरों से हुआ मिलाप, तुमसे देखो,

ज़िन्दगी में आया कुछ ख़ास, वो देखो।।


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