HORILAL GHRITLAHARE
Horror Tragedy Inspirational
हे नारी तू चंडिका तू काली और माता शेरावाली है
हम सब को पालने वाली और दुलार ने वाली।
ममता से ओतप्रोत सबको गले लगाने वाली है
हे नारी तू चंडिका तू काली और माता शेरावाली है।
इजहार ए बचपन
नारी तू महान ...
दर्द प्यार के
प्यार के परिं...
सबल सक्षम धैर्य धीर पराक्रम पुरुषार्थ नेतृत्व महान है।। सबल सक्षम धैर्य धीर पराक्रम पुरुषार्थ नेतृत्व महान है।।
नथुनों में दुर्गंध फ़ैली है लहू हर ओर जो बिखरा है नथुनों में दुर्गंध फ़ैली है लहू हर ओर जो बिखरा है
जल, थल, नभ सर्वत्र इंसानी करतब लोभ, लालच में भूल चुका रिश्ते, सब जल, थल, नभ सर्वत्र इंसानी करतब लोभ, लालच में भूल चुका रिश्ते, सब
अरे बाप रे, आयी मुसीबत कह कर, वो चिल्लाया। अरे बाप रे, आयी मुसीबत कह कर, वो चिल्लाया।
अपराध और रात का एक अजीब सा नाता है रात का सन्नाटा अपराध की कहानी सुनाता है। अपराध और रात का एक अजीब सा नाता है रात का सन्नाटा अपराध की कहानी सुनाता है।
कैसे जीवन जीऊंगी अब, काँप रही जीवनदान से। कैसे जीवन जीऊंगी अब, काँप रही जीवनदान से।
आज उस बात को बीते हुए करीब दस साल गुज़र चुका है। आज उस बात को बीते हुए करीब दस साल गुज़र चुका है।
चिड़ियों के रैन-बसेरे भी काट लिया उड़ान को ना छोड़ा आसमान खाली। चिड़ियों के रैन-बसेरे भी काट लिया उड़ान को ना छोड़ा आसमान खाली।
लोग अनोखे शहर अनोखा और बड़े अनोखे इनके त्यौहार।। लोग अनोखे शहर अनोखा और बड़े अनोखे इनके त्यौहार।।
सामने दीवार बनकर हो जाये हम खड़े। सामने दीवार बनकर हो जाये हम खड़े।
पर रहेंगी इतिहास में ये कहानी एक टैक्स ऐसा भी जिसके लिए सति हुआ पुरूष, बलिदान हुई न पर रहेंगी इतिहास में ये कहानी एक टैक्स ऐसा भी जिसके लिए सति हुआ पुरूष, ...
विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे, विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे,
और वो शातिर पहले उसके दिल, दिमाग, जिस्म और उसकी फिर जान से खेल गया..! और वो शातिर पहले उसके दिल, दिमाग, जिस्म और उसकी फिर जान से खेल गया..!
मैं दर्द लिखने बैठा, मगर उसे लिख ना सका। मैं दर्द लिखने बैठा, मगर उसे लिख ना सका।
आती उसके समक्ष सफ़ेद रौशनी मेरी रूह से... आती उसके समक्ष सफ़ेद रौशनी मेरी रूह से...
वो तितली पकड़ना फिर सावधानी से छोड़ देना क्या कला थी, पेड़ पर लटकना चढ़ना नदी में नहाना दो वो तितली पकड़ना फिर सावधानी से छोड़ देना क्या कला थी, पेड़ पर लटकना चढ़ना नदी में...
यह नज़ारा देख रही औरत की नन्ही बच्ची सबक ले रही है और मन ही मन तय कर रही है कभी अम्मी जैसा ख़्वाब ... यह नज़ारा देख रही औरत की नन्ही बच्ची सबक ले रही है और मन ही मन तय कर रही है क...
वो उस बियावान को भयाक्रांत कर देती है अपने रुग्ण विलाप से वो उस बियावान को भयाक्रांत कर देती है अपने रुग्ण विलाप से
एक मानव नष्ट होकर लाखों को नष्ट कर जाएग। एक मानव नष्ट होकर लाखों को नष्ट कर जाएग।
हाथ में पेंसिल इरेज़र लिए भेड़िए खड़े है। हाथ में पेंसिल इरेज़र लिए भेड़िए खड़े है।