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Ajay Singla

Classics

4.4  

Ajay Singla

Classics

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा

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पहली बार हम मिले थे,

फूल दिल में तब खिले थे,

देखा तुम्हे, मैं देखता रहा,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


क्लास हमारी चल रही थी,

आगे तुम तो पढ़ रही थी,

पीछे से मैं ताकता रहा ,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


पिक्चर में था तेरा साथ,

तेरे हाथों में ये हाथ,

रोमांटिक गाना पीछे चल रहा,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


चैन से जीने न दिया,

लोगों ने बदनाम किया,

न जाने तूने क्या क्या सहा,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


फैसला पापा ने किया,

बाहर मुझको भेज दिया,

सोचता हूँ, चुप क्यों रहा,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


बीस साल हो गए हैं,

सपने सारे खो गए हैं,

यादों में बस जीता ही रहा,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


तुमसे मिलने जब मैं आया,

पति से तूने मिलाया,

पुराण दोस्त हूँ, ये कहा,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


जब तुम्हारा फ़ोन आया,

झट से फिर मैंने उठाया,

खामोशी क्यों है, सोचता रहा,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


घर में तेरे फिर मैं आया,

बीमार हो, सब ने बताया,

आँख से फिर आंसू जो बहा,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


कायनात में रम गयी थीं ,

साँसे तेरी थम गयी थीं ,

रात भर मैं रोता रहा,

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा।


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