STORYMIRROR

Raja Sekhar CH V

Drama

3  

Raja Sekhar CH V

Drama

मुसीबत को बुलावा

मुसीबत को बुलावा

1 min
282

कोई भी दौर में ज़रूरी है अपना काम करना,

अनचाहे बातों से किसी से भी नहीं है उलझना,


यह गलती है एक नए मुसीबत को बुलावा देना,

अनजाने तहलके के बाद रह जाएगा पछताना।


बहुत ज़रूरी है चापलूसों से दूर रहना,

बहुत ज़रूरी है राज़ को छुपाए रखना,


बहुत ज़रूरी है अपने नीयत को बचाना,

बहुत ज़रूरी है अपने बुजुर्गों को सुनना।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama