STORYMIRROR

Raja Sekhar CH V

Abstract Classics Inspirational

4  

Raja Sekhar CH V

Abstract Classics Inspirational

जगन्नाथ जगदीश्वर

जगन्नाथ जगदीश्वर

1 min
271

मनोज्ञ मनमोहक है रमण रंगाधर का मृदुहास,

सुरम्य भव्य है रमाश्री रंगनाथजी का श्रीनिवास,

चक्रधर शंखधर का दिव्यदर्शन देता है आश्वास,

राजाधिराजन के उपासना में लीं रहे श्वासप्रश्वास,

चिरकाल रहेगा केशव के दयादाक्षिण्य पर विश्वास।१।


अलंकारप्रिय हैं हमारे शोभावान श्यामसुंदर,

भक्तवत्सल हैं लोकाभिराम अनंतरुपी सर्वेश्वर,

सर्वजन की सुरक्षा करते हैं धरापति धरणीधर,

कल्पतरु हैं हमारे परम्ब्रह्म परमात्मा परमेश्वर,

सदैव समदर्शी हैं जगदात्मा जगन्नाथ जगदीश्वर।२।


श्रीमंदिर श्रीदेवी के हैं श्रीमंत श्रीकांत श्रीधर,

भूमण्डल भूदेवी के हैं मदनमोहन महीधर,

गोकुल बृन्दावन के हैं वरद वेणुधर गिरिधर,

यादवेंद्र हैं आराधकों के भवसागर दामोदर,

चराचर जगत के श्रीनाथ हैं देवाधिदेव हरिहर।३।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract