STORYMIRROR

D.N. Jha

Romance Action Inspirational

4  

D.N. Jha

Romance Action Inspirational

मुरलीधर

मुरलीधर

1 min
378

राधा का आधार है,मुरलीधर का साथ।

निधिवन में रहते सदा,ले हाथों में हाथ।।


ले  हाथों  में हाथ, रचाते रास हमेशा।

बंधे प्रीत की डोर,श्याम से केवल आशा।।


इक दूजे  से दूर, लगे जैसे वो आधा।

कान्हा लेते नाम, सदा जपते हैं राधा।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance