D.N. Jha
Romance Action Inspirational
राधा का आधार है,मुरलीधर का साथ।
निधिवन में रहते सदा,ले हाथों में हाथ।।
ले हाथों में हाथ, रचाते रास हमेशा।
बंधे प्रीत की डोर,श्याम से केवल आशा।।
इक दूजे से दूर, लगे जैसे वो आधा।
कान्हा लेते नाम, सदा जपते हैं राधा।।
चंद्रयान
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किसान
ये मेरा घमंड है, तुम नहीं, तो ग़म नहीं पर तुम नहीं, तो बस खुशी कम है। ये मेरा घमंड है, तुम नहीं, तो ग़म नहीं पर तुम नहीं, तो बस खुशी कम है।
अब तो इंतजार के आंसू भी मेरी पलकों में आकर सूख गए, अब तो इंतजार के आंसू भी मेरी पलकों में आकर सूख गए,
भागते - दौड़ते आख़िरकार हम ठहर ही जाते हैं। भागते - दौड़ते आख़िरकार हम ठहर ही जाते हैं।
मिले थे जिस ख़याल से फिर वो ख़याल लें चले मिले थे जिस ख़याल से फिर वो ख़याल लें चले
हो हमसफ़र से ओझल चुपके से एक रूमाल थमा गई। हो हमसफ़र से ओझल चुपके से एक रूमाल थमा गई।
राह न दिखती भय के इस विष को त्याग कर अब कहाँ जाएं, राह न दिखती भय के इस विष को त्याग कर अब कहाँ जाएं,
चाहत की मंजिल जीवन की सौगात प्रिये तेरे ही मिल जाने से हो जीवन उद्धार प्रिये।। चाहत की मंजिल जीवन की सौगात प्रिये तेरे ही मिल जाने से हो जीवन उद्धार...
अधरों का रंग अलग दिखता, आँखें रंगीन सी लगती है हाथों की मेंहदी रंग अलग, और पाँव महावर अधरों का रंग अलग दिखता, आँखें रंगीन सी लगती है हाथों की मेंहदी रंग अलग, और पा...
बरसातों में तुम याद मुझे क्यों आती हो ? तुम मुझसे आँखों से ओझल आखिर क्यूँ हो जाती हो? बरसातों में तुम याद मुझे क्यों आती हो ? तुम मुझसे आँखों से ओझल आखिर क्यूँ हो ...
बेशक भूल जाए, ये ज़माना अब मुझको.. सिर्फ़ इक तेरा, बस अब मैं ख़ास हो जाऊँ.....!! बेशक भूल जाए, ये ज़माना अब मुझको.. सिर्फ़ इक तेरा, बस अब मैं ख़ास हो जाऊँ......
तुम बिन सावन का हर रंग केवल पीड़ा दे रहा था, फैली थी चारों और उदासी सब थे बस प्यार नहीं तुम बिन सावन का हर रंग केवल पीड़ा दे रहा था, फैली थी चारों और उदासी सब थे बस प्...
किताबों में छुपा गुलाब मौन, तुम्हारी कहानी सुनाता रहा। किताबों में छुपा गुलाब मौन, तुम्हारी कहानी सुनाता रहा।
कभी-कभी बंद निगाहें भी, मन की खिड़की खोलती है। कभी-कभी बंद निगाहें भी, मन की खिड़की खोलती है।
साँझ को उनसे, वादा ये था, हम मिलेंगे, हर भोर पर. साँझ को उनसे, वादा ये था, हम मिलेंगे, हर भोर पर.
तकदीर में मेरी वो ना हो अगर.... रूह में तो समाये है मेरी मगर तकदीर में मेरी वो ना हो अगर.... रूह में तो समाये है मेरी मगर
न लिखूँ कोई शेर, कविता, न बहाऊं अब कोई गीतों की सरिता, गजलों की दुनिया से रिश्ता तोड़ दूँ, न लिखूँ कोई शेर, कविता, न बहाऊं अब कोई गीतों की सरिता, गजलों की दुनिया से ...
मै सोता हूं वो जागती है दुआ मेरे लिए वो मांगती है! मै सोता हूं वो जागती है दुआ मेरे लिए वो मांगती है!
इन लफ़्ज़ों में छुपाए हैं मैंने बस और नहीं कुछ अब कहना चाहती हूं। इन लफ़्ज़ों में छुपाए हैं मैंने बस और नहीं कुछ अब कहना चाहती हूं।
यूं अलग-अलग घरों में पड़े रह कर तड़पना अब तो खलने लगा है जी। यूं अलग-अलग घरों में पड़े रह कर तड़पना अब तो खलने लगा है जी।
लौट आ जाना बस एक बार ही सही जी भर के तुझे मैं गले लगाऊँ । लौट आ जाना बस एक बार ही सही जी भर के तुझे मैं गले लगाऊँ ।