STORYMIRROR

Syeda Noorjahan

Romance

4  

Syeda Noorjahan

Romance

मुझे याद कर लेना

मुझे याद कर लेना

1 min
193

कभी जो राह भूल जाओ तो

मुझे तुम याद कर लेना

कभी अंधेरे से डर जाओ तो

मुझे तुम याद कर लेना

कभी उदासी जो घेरे

मुझे तुम याद कर लेना

कभी दिल के किसी कोने में

मोहब्बत अंगड़ाई लेने लगे तो

मुझे तुम याद कर लेना

कभी चाहत के आईने में

किसी का चेहरा नज़र आए तो

मुझे तुम याद कर लेना

कभी खुशी से उसकी 

रुह में चैन उतर जाए तो

मुझे तुम याद कर लेना

कभी ख्वाबों में तुम्हारे

कोई चुपके से उतर आए तो

मुझे तुम याद कर लेना

यह सारे जज़्बात मैं

तुम पर वार बैठी हुं

मैं अपने हिस्से की लड़ाई

तुमसे हार बैठी हुं

मगर यह मोहब्बत है 

के कभी खत्म नहीं होती

बदलती है रुप मगर

कभी आकर्षण नहीं खोती

हुई ना जो मुलाकात याद रखना तुम

यह बात हमेशा याद रखना तुम

मैं पास ना हो कर भी

तुम्हारे साथ रहती हुं

तुम ऐसे बसे हो दिल में

हर बात तुमसे कहती हूँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance