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bhanwar lal

Romance

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bhanwar lal

Romance

अनजान राहें

अनजान राहें

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वक़्त से आज मैं अनजान हुआ प्रिय

उन रास्तो से आज मैं अनजान हुआ प्रिय।


वो नूर देखने के लिए गुजरा करते थे

जिस राह से कभी प्रिय।


आज उन्ही राहों से मैं अनजान हुआ प्रिय,

वक़्त के साथ आज फिर सब अनजान हुआ प्रिय।


वक़्त के साथ लोगो के रास्ते भी बदल गए प्रिय,

जिन रास्तो से हम गुजरा करते थे


पहले कभी चंद मुलाकातों के सिलसिले में प्रिय,

आज उन्ही रास्तो से मैं वाकिफ भी नहीं हूं प्रिय।


जाने पहचाने चेहरों से जिनसे

मिलने के लिए जाया करते थे कभी प्रिय।


आज कुछ वक़्त के बाद

उधर से जाना भी बेगाना सा लगता है प्रिय।


इसी जिंदगी के सफ़र में

मैं लोगो से अनजान हो गया प्रिय।


आज कुछ वक़्त के साथ मैं

अपनों से अनजान हो गया प्रिय।


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