STORYMIRROR

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

4  

Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

मुझे मालूम था

मुझे मालूम था

1 min
21

मुझे मालूम था की, सितारों से महेफ़िल होती है,

चांद में तेरा चेहरा देखा और मिलने की तमन्ना बन गई। 


मुझे मालूम था की, नज़र से नज़र मिलती है,

तुझसे नज़र मिल गई और इश्क की जाम छलक गई।


मुझे मालूम था की, इश्क में दिल धड़कता है

तुझसे दिल मिल गया और दिल की धड़कने बढ़ गई।


मुझे मालूम था की, खूबसूरती भान शान भुलाती है,

तेरे हुस्न को मैंने देखा और मन में मदहोशी छा गई।


मुझे मालूम था की इश्क खुदा की कयामत होती है,

"मुरली" तू मेरे पास आई और इश्क की शहनाई बज गई।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama