STORYMIRROR

मुफ़्त की जीत तुम्हें मै दे दूँ

मुफ़्त की जीत तुम्हें मै दे दूँ

1 min
14.1K


ऐसे कैसे हार समझ लूँ

मुफ़्त की जीत तुम्हें मैं दे दूँ


दिन ढलता है ढल जायेगा

राज़ की बातें कैसे कह दूँ


अक्ल परेशान अब रहती है

होश मैं अपनी कैसे खो दूँ


सावन आये भादो आये

हक जेहन, तुझे कैसे दे दूँ


एक कहानी तेरी मेरी

आज ब्यान मैं कैसे कर दूँ


वक्त बदल जाता है कैसे

तर्क मोहब्बत कैसे कर दूँ


चाँद वही अब तक दिल में है

चाँद को तारा कैसे कह दूँ


रस्मों की पाबंदी दिल पर

इश्क मेहरबान कैसे कह दूँ


दिल मंज़र तेरा है तन्हा

इश्क है तुझको कैसे कह दूँ।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama