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parag mehta

Romance

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parag mehta

Romance

मुद्दत

मुद्दत

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एक मुद्दत के बाद हुआ यह इश्क़

संभाले ना संभले हुआ यह इश्क़

एक कुर्बत के ज़ोर पे हुआ यह इश्क़

तेरी ही चाह में यूं आबाद हुआ यह इश्क़


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