STORYMIRROR

parag mehta

Romance

2  

parag mehta

Romance

मुद्दत

मुद्दत

1 min
220

एक मुद्दत के बाद हुआ यह इश्क़

संभाले ना संभले हुआ यह इश्क़

एक कुर्बत के ज़ोर पे हुआ यह इश्क़

तेरी ही चाह में यूं आबाद हुआ यह इश्क़


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance