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Avneet kaur

Romance

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Avneet kaur

Romance

मसरूफ

मसरूफ

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उनके साथ महफ़िल में बैठे थे इस कदर

मशरूफ हो गए

कि अपने आप का ख्याल ही न रहा

अगर कोई तकल्लुफ न हो तो

आपसे एक बात पूछूँ

अपने आप को तवज्जो नहीं दे रहे हम

बस आप इतना बता दीजिए

इस महफ़िल के बाद

हमें आपका ख्याल क्यों आ रहा

कल अगली मुलाक़ात होगी आपसे

ज़िन्दगी के कुछ मसरूफ लम्हों में

कुछ वक्त साथ गुज़ारना चाहोगे

क्या आप हमसे

माफ करना पता नहीं इतना करीब

क्यों हम आ गए आपसे

प्यार का इज़हार करने के लिए

हम उस महफ़िल में ही

मिलना चाहते हैं दोबारा आपसे।


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