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Anjali Srivastav

Tragedy

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Anjali Srivastav

Tragedy

मन

मन

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सच्ची-सच्ची बात बताकर

वो झूठी बातें बोल गए।


भावों के मेरे ऊँचा कद को

वो आसानी से तोल गए।


उन दिनों जिनसे मिलकर

सकारात्मक ऊर्जा मिलती थी।


अब वो दिखाकर तजूर्बें चालाकी के

बूँद - बूँद शहद सा घोल, घोल गए।


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