Anjali Srivastav
Tragedy
सच्ची-सच्ची बात बताकर
वो झूठी बातें बोल गए।
भावों के मेरे ऊँचा कद को
वो आसानी से तोल गए।
उन दिनों जिनसे मिलकर
सकारात्मक ऊर्जा मिलती थी।
अब वो दिखाकर तजूर्बें चालाकी के
बूँद - बूँद शहद सा घोल, घोल गए।
हिंदी से हो स...
भारत की बेटी
तेरी मेरी कहा...
नशामुक्ति
कोरोना
फ़साने
माँ का हिसाब
पुजारन बनना च...
अपनों के दिल
बसंत
हर प्राणी बेचैन है, धरती हुई अधीर। इंद्रदेव कर के कृपा, बरसा दो कुछ नीर।। हर प्राणी बेचैन है, धरती हुई अधीर। इंद्रदेव कर के कृपा, बरसा दो कुछ नीर।।
तेरे लंबे बाल और गुलपोशी के चर्चे हर जगह थे खुबसूरती बेहद थी तुझमें पर पहरे हर जगह थे. तेरे लंबे बाल और गुलपोशी के चर्चे हर जगह थे खुबसूरती बेहद थी तुझमें पर पहरे ह...
यही फलन है जब नवपीढ़ी आँसू से सन जाती है सहिष्णुता जब हद से बढ़ती कायरता बन जाती है ... यही फलन है जब नवपीढ़ी आँसू से सन जाती है सहिष्णुता जब हद से बढ़ती कायरता बन जाती ह...
बस जन्म जहाँ परिचायक हो, फिर चाहे योग्य या नालायक हो। बस जन्म जहाँ परिचायक हो, फिर चाहे योग्य या नालायक हो।
कुछ टूट रहा था, कुछ छूट रहा था, लेखन से नाता टूट रहा था। कुछ टूट रहा था, कुछ छूट रहा था, लेखन से नाता टूट रहा था।
संसद में हो या गलियों में, नारी का अपमान गलत है । संसद में हो या गलियों में, नारी का अपमान गलत है ।
हे प्रकृति की मासूम प्रतिनिधि! हम तुम्हारे अपराधी हैं.. हे प्रकृति की मासूम प्रतिनिधि! हम तुम्हारे अपराधी हैं..
अपने घर का हाल देखकर,चुप रहना मत रोना अम्मा । अपने घर का हाल देखकर,चुप रहना मत रोना अम्मा ।
घर घर जाके सबको हम सपना यही दिखाएंगे अच्छे दिन आएँगे, अच्छे दिन आएँगे। घर घर जाके सबको हम सपना यही दिखाएंगे अच्छे दिन आएँगे, अच्छे दिन आएँगे।
दूर कहीं दिख रहा था एक अस्थि पिंजर, जिस पर रह गया था बस मॉंस चिपक कर। दूर कहीं दिख रहा था एक अस्थि पिंजर, जिस पर रह गया था बस मॉंस चिपक कर।
छाती से चिपकाकर सुधियाँ पीड़ाओं ने लोरी गायी ! छाती से चिपकाकर सुधियाँ पीड़ाओं ने लोरी गायी !
तथा स्क्रीन पर आ गए भगत, सुभाष और अन्य वीर क्रांतिकारी। तथा स्क्रीन पर आ गए भगत, सुभाष और अन्य वीर क्रांतिकारी।
मेरे हिंदू मुस्लिम बच्चों को आपस में लड़ाया जाता है मेरे हिंदू मुस्लिम बच्चों को आपस में लड़ाया जाता है
कुछ भी करें आज़ाद है अब तो हम, अधिकार ही हैं,फर्ज़ कहाँ मानते हैं। कुछ भी करें आज़ाद है अब तो हम, अधिकार ही हैं,फर्ज़ कहाँ मानते हैं।
इबादत में हमारी असर नहीं रही या ईश्वर ने आँखें बंद कर रखी है। इबादत में हमारी असर नहीं रही या ईश्वर ने आँखें बंद कर रखी है।
कुछ बीती बातें हैं मन में, कब से जी रहा था कल में। कुछ बीती बातें हैं मन में, कब से जी रहा था कल में।
तुम किसे छोटी सी बात कहते हो? तुम किसे छोटी सी बात कहते हो?
कुछ विनष्ट करते हैं और सृष्टि तटस्थ रहती है! कुछ विनष्ट करते हैं और सृष्टि तटस्थ रहती है!
औंधी पड़ी हुई धरती पर, निपट अभागिन छाँव। औंधी पड़ी हुई धरती पर, निपट अभागिन छाँव।
मुझे लगता है यह जीवन रंगमंच है और मैं बस एक कुशल अभिनेत्री हूँ। मुझे लगता है यह जीवन रंगमंच है और मैं बस एक कुशल अभिनेत्री हूँ।