Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Mayank Saxena

Romance

3  

Mayank Saxena

Romance

मन चाहता है कि

मन चाहता है कि

1 min
252



मन चाहता है कि

सिर्फ़ में हूँ और तुम हो

और बस ये मोहब्बतें

एक अपनी ही दुनिया में

उन नदियों के बीच

उन पहाड़ो के ऊपर

जहाँ जन्नत से नजारे हो

और हम तुम एक दूसरे के सहारे हों

बरफ की चादर में लिपटे

तुम हम उन मखमली वादियों में

अपने ख्वाबों का आशियाना सजाये

कभी उन झरनों से झूले

कभी उन नदियों में खेलते हुए

उन वादीयों की सैर लगाएं

मन चाहता है कि

उस चांदनी रात में

सितारों की बारात में

शहर की भीड़ से दूर

सिर्फ़ एक दूसरे के इश्क़ में चूर, 

हम बस खो जाएं। 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance