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Gaurav Chhabra

Romance Classics Inspirational

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Gaurav Chhabra

Romance Classics Inspirational

मिले थे कदम तुझसे किसी राह पर...

मिले थे कदम तुझसे किसी राह पर...

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मिले थे कदम तुझसे किसी राह पर

प्यार हो गया था मुझे उसी राह  पर


मिले थे कदम तुझसे किसी राह पर

प्यार हो गया था मुझे उसी राह  पर


नज़रें मिलानी थी तेरे दिल की चौखट पर

बेताबी ने घेर लिया था मुझे उसी राह पर


मिले थे कदम तुझसे किसी राह पर


कुछ कहना था बेबसी के आलम पर

वक़्त ने रोक लिया था मुझे उसी राह पर


मिले थे कदम तुझसे किसी राह पर

प्यार हो गया था मुझे उसी राह पर


नज़रें मिलानी थी प्यार के जलसे पर

सरहदों ने बाँट दिया था मुझे उसी राह पर


मिले थे कदम तुझसे किसी राह पर


जब पुछ रहा था क्या लिखा है दीवारों पर

क़िस्मत ने पढ़ लिया था मुझे उसी राह पर


मिले थे कदम तुझसे किसी राह पर


रौशन था फ़लक़, जब इबादत लिखी सितारों पर 

इश्क़ ने फ़ना कर दिया था मुझे उसी राह पर

मिले थे कदम तुझसे किसी रास्ते पर

प्यार हो गया था मुझे उसी रास्ते पर


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