STORYMIRROR

JAYANTA TOPADAR

Inspirational

5  

JAYANTA TOPADAR

Inspirational

महामिलन

महामिलन

1 min
444

ये विश्वास ही कर्मयोग की नींव है!

भारतीय संस्कृति को समृद्ध करने की

जो सेवाभाव दिल में है,

वही निर्माण की रणभेरी है!


परस्पर सहयोग की, मनोहर चिंतन की...

अथक परिश्रम की, ईमानदारी की ज़रूरत है

इस देश को विकासोन्मुखी बनाने की

जो जज़्बा हरेक दिल में हो,

वहीं से एकता की

अमृतयात्रा का आगाज़ होगा!


जीवन हमारा

अमृतसागर-सा पावन हो,

देश के हरेक कोने से

उम्मीदों का काफिला निकले,

यही हमारी सोच है।


चलो हम एक साथ मिलाकर

इस मिट्टी की की हरियाली को

बरकरार रखें...!

जम्मू और काश्मीर से कन्याकुमारी तक...

कच्छ से उत्तर पूर्वांचल तक 

अब तो तिरंगा झंडा ऊँचा कर

चलने की बारी है हमारी...!


चलो हम सब निकल चलें

एक लौ को आधार बनाकर

हरेक अंधेरी रात को उजाला देकर...!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational