STORYMIRROR

Kumar Kishan

Romance

2  

Kumar Kishan

Romance

मेरी शायरी

मेरी शायरी

1 min
460

ये मत पूछो कैसे लम्हा

गुजारा करते है

माशूका की तस्वीर कागज़

पर उतारा करते है


मेरी एक ही राय

मैं बन जाऊँ चाय

और, तुम्हारी होठों को छूकर

मेरा दिल भी बोले बाय-बाय


तेरी नशीली आँखों को अगर देखूं

तो यह दिल नशे में ना डूब जाए

तेरी चाहत पर अगर शायरी लिखूँ

तो यह दिल कहीं शायर ना बन जाए

मत देख इतना आईना की कहीं

यह भी तेरा आशिक ना बन जाए


यूँ ही नहीं मिलती है मंज़िल किसी को

बहुत कुछ खोना पड़ता हैं

एक बसंत को पाने के लिए

पतझड़ को भी सहना पड़ता है



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance