STORYMIRROR

Akanksha Gupta (Vedantika)

Romance

4  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Romance

मेरी प्रेम कल्पना

मेरी प्रेम कल्पना

1 min
316

मेरी प्रेम कल्पना की नायिका एक तुम्हीं तो हो

मेरे दिल की मुहर्रिक मेरी हर साँस तुम्हीं तो हो

ख़्वाब में बसा एक और ख़्वाब हो ज़िंदगी का

मेरे जीने का एक नया अंदाज़ बस तुम्ही तो हो


तेरी ज़िन्दगी में शामिल मैं किसी नायक सा रहूँ

तेरी ख़ुशियों में जीता और गम को दूर करता रहूँ

तेरी आँखों की नमी में बनकर आसूँ खुशी का

तेरी मुस्कुराहटों में उम्मीद बन कर खिलता रहूँ


किसी चलचित्र सा जीवन तेरे साथ बीत जाए

इन निगाहों की पनाह में मेरी शाम बीत जाए

आखिरी लम्हे तक हाथ तेरा मेरे हाथ मे रहे

और उस लम्हें में फिर सदियाँ तमाम बीत जाए.


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance