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Rekha Verma

Inspirational

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Rekha Verma

Inspirational

मेरी माँ

मेरी माँ

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माँ तू कितनी अच्छी है

हीरे मोती से भी सच्ची है

ना झूठ कपट की मूरत है

भगवान जैसी तेरी सूरत है

माँ तूने मुझे संवारा है

ममता की छांव में दुलारा है

जब-मेरी राहों में कांटे आये

पलकों से मां तुमने उठाएं

मेरी खुशियों में तू मुस्काए

फूलों जैसी तू खिल जाए

घर देर से मैं लौट कर आऊं

चिंता के ज्वर में

माँ तुझको तपता पाऊ

तेरी उपमा मैं कर जाऊं

भगवान से ऊँचा दर्जा दे जाऊ

हर जन्म में माँ

मैं तुझको ही पाऊं

तेरे ही कोख से जन्म मैं लेता जाऊं

मेरी लेखनी यह गीत गाए

मातृ दिवस पर "हे माँ "तुझ को बधाई।


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