STORYMIRROR

Rekha Verma

Romance

4  

Rekha Verma

Romance

पिया का खत

पिया का खत

1 min
427

पिया जी का खत था बडा ही अलबेला

लिखा था उन्होंने मुझको पहला पहला

खत में कितनी ही अशुद्धियां थी

लेकिन उनके मेरे प्रेम की शुद्धिया थी

उस खत मे बहुत खूबियां थी

यह हमारे प्रेम की नज़दीकियां थी

खत में लिखा था सुनो तुम अपना ध्यान रखना

मेरा खयालों में ख्याल रखना

खोई हुई गुमसुम सी मत रहना

सज सवरकर मेरा ख्वाबों में इस्तकबाल करना

तुम्हारा मुस्कुराता हुआ चेहरा देखकर मैं सुकून से जी लूंगा

परदेस में रहकर तुम्हारी याद में जहर जुदाई पी लूंगा

तुम क्या जानो तुम्हारी याद मुझे कितना तरसाती है

तुम्हारे विरह में यह अखियां

सावन भादो सी आंसू बहाती है

सुनो खत को मेरे संभाल कर रखना

जब मेरी याद आए तो

खत को पढ़कर मुझको अपने करीब पाना

जल्दी ही मैं लौट कर आऊंगा

तेरे हाथों की मेहंदी बनकर रच जाऊंगा

तुमको मुझसे कोई शिकायत नहीं रहेगी

तुम्हारे होठों पर हमेशा

मेरे प्यार की खिलखिलाहट रहेगी।



साहित्याला गुण द्या
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance