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Kamini sajal Soni

Inspirational


4.5  

Kamini sajal Soni

Inspirational


शीर्षक -बंधन

शीर्षक -बंधन

1 min 21 1 min 21


ममता की मूरत है नारी

बिखेरती है रंग प्यार के

देती है सीख धरती सी सहनशक्ति की

समेट लेती आंचल में हर बाधा

रक्षा की ढाल बनकर बिखरने नहीं देती

प्यार से थाम कर परिवार को

बांधती है संस्कारों के बंधन में।

लेकर बनवास अपनी खुशियों से

बांध लेती है जिम्मेदारियों की डोर से

चलती है हर सुबह सूरज के संग

ढलती है अटूट विश्वास सी

चंदा की चांदनी के संग

सचमुच प्रकृति की प्रतिकृति है नारी

खोल देती है कभी बंधन खुद के

बांध लेती है कभी बंधन में खुद को ।


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