STORYMIRROR

anita Kushwaha

Inspirational

3  

anita Kushwaha

Inspirational

लहजा

लहजा

1 min
344

 हे मानव

चाहे कितने भी सफलता के

शीर्ष पर चढ़ते जाओ तुम

कभी भी अपने जमीन के

जुड़ाव को ना छूटने देना तुम


हे मानव

अपने लोगों से नाता न तोड़ना

सबसे मिल-जुलकर रहना तुम

कितना भी बदल जाओ मगर

कभी अपना लहजा न बदलना तुम

हे मानव

इस संसार में कुछ अच्छा करके

सम्पूर्ण आकाश पर छा जाना तुम

जीने का अंदाज बदल जाये मगर

कभी भी अपना लहजा न बदलना तुम


                     


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational