STORYMIRROR

J P Raghuwanshi

Inspirational

3  

J P Raghuwanshi

Inspirational

"जस"

"जस"

1 min
358

आई नवरात्रि की बेला,

लगो माई को मेला।

चलो चलें देखन खों।


भक्तन ने मैया की मूरत बनाई।

मैया के द्वारें पै, बाजे शहनाई।

हो रये तमासे और खेला,

लगो माई को मेला।

चलो-----


पण्डा ने मैया के बो दयें जवारे।

मैया के द्वारें पै गूंजे जयकारे।

भीड़ लगी ठेलमठेला,

लगो माई को मेला।

चलो-------


लम्बी लम्बी लगी है कतारें।

मैया के द्वारे में हो रई पुकारें।

हर्षित हैं चेली और चेला,

लगो माई को मेला।

चलो------


आई नवरात्रि की बेला,

लगो माई को मेला।

चलो चलें देखन खों।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational