STORYMIRROR

J P Raghuwanshi

Inspirational

3  

J P Raghuwanshi

Inspirational

"विविधता"

"विविधता"

1 min
358


ईश्वर दया स्वरूप है।

धरती धैर्य स्वरूप है।

सूर्य ऊर्जा स्वरूप है।

चन्द्रमा शीतलता स्वरूप है।


पुष्प कोमलता के स्वरूप है।

मां क्षमा का स्वरूप है।

पिता आकाश स्वरूप है।

गुरु ज्ञान का स्वरूप है।

हे मानव! तेरे अनेकानेक स्वरूप हैं ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational