STORYMIRROR

निशा परमार

Inspirational

3  

निशा परमार

Inspirational

ना हार मान

ना हार मान

1 min
45

धैर्य को सींचने में

खुद को सम्भालने में

वक्त तो लगता है मगर

ना हार मान

ना हथियार डाल,

ना कदम मोड़

ना आश छोड़

सकल्प का मोल

कर्म से तोल,

जीत जायेगा

मंजिल को पायेगा

भट्टी में तपके

कुंदन बन जायेगा,

सितारे की तरह

चमक जायेगा

सूर्य की तरह

दमक जायेगा

नया क्षितिज बनाएगा,

बंजर जमीनं पर

फसल खिलाएगा

चट्टानों को माटी बनायेगा

रेगित्स्तांन में नदियाँ बहायेगा ,

बस दृढ़ सन्कल विश्वास श्रम

का दामंन मत छोड़

अपना हर स्वप्न चाहत ख्वाईश

को पूरा कर जायेगा

बडी से बडी मंजिल को पा जायेगा!

 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational