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Shraddhanjali Shukla

Romance

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Shraddhanjali Shukla

Romance

मेरी चाहत

मेरी चाहत

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तुझको भी हो आशिकी,जैसे मुझको यार

तब जानोगे साथिया, कैसा होता प्यार


कैसा होता प्यार, कभी तो करो साजना

जीना घुट घुट रोज, मौत हमेशा माँगना


ये पूरा संसार, क्यूँ पागल कहे मुझको

दिल जाओ जब हार, यकीं होगा तब तुझको।


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