STORYMIRROR

Salil Saroj

Drama

2  

Salil Saroj

Drama

मेरी बातों पे गौर कीजिए जरा

मेरी बातों पे गौर कीजिए जरा

1 min
879


मेरी बातों पे गौर कीजिए जरा

समझिए,फिर दाद दीजिए जरा।


कब तक यूँ दूसरों पे हँसा करेंगे

कोई लतीफा खुद पे लीजिए जरा।


क्या करेंगे पाकर बेमानी दौलत

चाँद पाइए और फिर खीजिए जरा।


इंसानियत क्या है,समझ जाएँगे

ताकत हाथ में हो पर पसिजिए जरा।


खुशी का मतलब पता तब चले

गमों के आँसू जब पीजिए जरा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama