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Salil Saroj

Abstract Tragedy Action


4.0  

Salil Saroj

Abstract Tragedy Action


इश्क़ ने ये कमाल किया

इश्क़ ने ये कमाल किया

1 min 176 1 min 176

इश्क़ ने  ये कमाल किया

हमारा जीना मुहाल किया


जो घटाएँ बरसाया करती थी

हर मौसम मेरा अकाल किया


कुछ को पल में बर्बाद किया

पर हमें तो सालों-साल किया


जिस का जवाब था ही नहीं

बार - बार वही सवाल किया


ये तीरगी* की हद ही तो है

चिंगारी को भी मशाल किया


सारे रिश्ते नेस्तनाबूद किए

माजी* का भी न ख्याल किया


*तीरगी-अन्धकार

*माजी-अतीत



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