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Pankaj Prabhat

Romance

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Pankaj Prabhat

Romance

मेरी बाँहों में.....

मेरी बाँहों में.....

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मेरी बाँहों में, जब तेरा हुस्न सिमट जाता है,

प्यार हँस कर, मेरे रग-रग में भर जाता है।

तेरी आँखों में, जब मेरा अक्स उभर आता है,

प्यार सज कर, मेरे शेरों में सँवर जाता है।

मेरी बाँहों में, जब तेरा हुस्न सिमट जाता है…..


तुझको पाकर, मेरे इस दिल ने दुआएँ की हैं,

तुझको चाहकर, मेरी हसरत ने पनाहें ली हैं,

तेरे चेहरे का, जब ये चाँद झिलमिलाता है,

तेरा अक्स मुझमें, इश्क बनकर बिखर जाता है,

मेरी बाँहों में, जब तेरा हुस्न सिमट जाता है…..


जाम जब भी, तेरी मस्ती भरी आँखों से पिए,

बेखुदी में लब पर, तेरी हस्ती के चर्चे ही रहे,

तेरे जलवों में, बस प्यार मुझको नज़र आता है,

तेरी खुशबू से, पंकज थोड़ा और निखर जाता है।

मेरी बाँहों में, जब तेरा हुस्न सिमट जाता है।


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