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नविता यादव

Romance


4.4  

नविता यादव

Romance


मेरी अंगड़ाई

मेरी अंगड़ाई

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इंद्रधनुषी रंगों में रंगा है आंचल मेरा

सुन ओ पिया तेरे प्यार से भीगा है आंचल मेरा


रिमझिम रिमझिम बारिश की फुहारों में

लहरा लहरा के बुला रहा है आंचल मेरा।।


शीतल पवन छेड़ रही है मुझे पिया,

बांहे फैला खड़ा बादल निहारें मुझे पिया

निर्मोही बिजली भी , ध्वनि मधुर संगीत बजा रही है पिया,,,

लहरा लहरा बुला रहा है ,आंचल मेरा तुुझेे पिया।। 


सांझ ढले पंछी भी आएं हैं मुझसे मिलने,

देख मेरी मादकता, लगे हैं मुझे छेड़ने

स्पर्श कर मेरे दामन को, पुछ रहे हैं क्यो ?

इस कदर महका है आंचल मेरा।।


रंग गुलाबी से लाल हो गया है मेेेरा

दगा दे ने लगा है दिल दिवाना मेेेरा

तुझे क्या बताऊं क्या है दिले नासाज़

दबा होंठों के मध्य, बहकने लगा है आंचल मेरा।। 



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