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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

मेरे संग मुस्कुराती है

मेरे संग मुस्कुराती है

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मेरी बातों को कहने से पहले समझ जाती है, 

माँ चुप रहकर मुझसे बहुत कुछ कह जाती है, 

खुशियों और गम में हमेशा मेरे साथ रहकर, 

मेरा मुस्कुराता चेहरा देख मेरे संग मुस्कुराती है, 


जिसको बड़े-बड़े तूफान नहीं हिला पाते हैं वो, 

मेरे आंसुओं को देख भावनाओं में बह जाती है, 

जब खुश होती तो माँ घर को जन्नत बना देती, 

कितना भी हो अंधेरा मन में रोशनी दिखा देती है, 

मेरा मुस्कुराता चेहरा देख मेरे संग मुस्कुराती है, 


बीमारी में जब कभी खाया ना गया मुझसे खाना, 

राजा बेटा कहकर मुझे प्यार से खाना खिलाती है, 

अकेला सा महसूस करता भीड़ भरी दुनिया में, 

जब भी होता तन्हा प्यार से मुझे गले लगाती है, 

मेरा मुस्कुराता चेहरा देख मेरे संग मुस्कुराती है, 


जब भी ठोकर खाई मैंने माँ ने ही मुझे संभाला, 

संभल जाता जब वो प्यार से सर पर हाथ फेर देती है, 

मेरा मुस्कुराता चेहरा देख मेरे संग मुस्कुराती है, 



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