STORYMIRROR

Rekha Shukla

Tragedy

3  

Rekha Shukla

Tragedy

मेरे प्यारे अब्बु

मेरे प्यारे अब्बु

1 min
165

आप जल्दी वापस आ जाओ। 

लोग कहते हैं आप अल्लाह के पास हो...

उसे खैरात में मुझे वापस बुला लो ना तो कुछ काम बने। 

अम्मी मेरे सामने भी नहीं देखती। 

अब्बु जैसा गाना कोई सुनाता ही नहीं

अब्बु की तरहा कोई प्यार भी नहीं करता। 

और आज अम्मी फिर से पुलिस स्टेशन गई हैं।।

आपको ढूंढने आप उन्हें भेज दो अल्लाह। 

मैं अब अब्बु के सिवा नहीं रेह सकता। 

जानता हूँ अल्लाह तेरी अदालत तेरा इन्साफ...

पर ये कैसा न्याय हैं ? 

मैं अब्बु को बोलना चाहता हूँ कि

अब मैं जल्दी बड़ा बन जाऊंगा और कभी नहीं सताऊंगा, 

और कुछ नहीं मांगूंगा ...अब्बु को वापस भेज दो।।!!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy