Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Rajit ram Ranjan

Romance

1.5  

Rajit ram Ranjan

Romance

मेरे हिस्से की ख़ुशी

मेरे हिस्से की ख़ुशी

1 min
452


ऐ खुदा 

मेरे महबूब को सलामत रखना, 

बस यही एक 

अर्जी हैं आपसे !

वो मेरे साथ हैं तो मुझे 

डर नहीं हैं,

किसी भी अभिशाप से !


उसके हर एक गम मुझे दे देना, 

भले ही मेरे हिस्से की खुशी 

छीन लेना, 

मैं कुछ नहीं बोलूंगा,

बस मेरी जान को 

मेरी जान से दूर मत होने देना !


उसकी आँखों में हँसी,

होठों पे ख़ुशी 

बरकरार रहे, 

वो भी तड़पे सर्द रातों में,

उसे भी मुझसे प्यार रहे, 

ऐ खुदा उसे कभी भी गम ना आने देना, 

भले ही मेरे हिस्से की ख़ुशी छीन लेना !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance