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Churaman Sahu

Tragedy Fantasy

4  

Churaman Sahu

Tragedy Fantasy

मेरे हिस्से का

मेरे हिस्से का

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🌹मेरे हिस्से का🌹


मेरे हिस्से की सुबह,

जो तेरी मुस्कान से रोशन हो।


मेरे हिस्से की धूप,

जो हर सफ़र में मेरा साथ निभाए।


मेरे हिस्से की छाँव,

जो थकान में सुकून दे जाए।


मेरे हिस्से की बारिश,

जो तेरे संग भीगकर ख़्वाब सजाए।


मेरे हिस्से की सर्दी,

जो तेरी बाँहों में गर्माहट पाए।


मेरे हिस्से की रात,

जो तेरे ख्वाबों से जगमगाए।


मेरे हिस्से का आसमां,

जिसमें सिर्फ़ हम दोनों समाए।


मेरे हिस्से का चाँद,

जो तेरी आँखों में झिलमिलाए।


मेरे हिस्से की ख़ुशबू,

जो तेरे आँचल से महक जाए।


मेरे हिस्से की धड़कन,

जो तेरे नाम से ही धड़के।


मेरे हिस्से का सुकून,

जो तेरे सीने से लगकर मिले।


मेरे हिस्से की दुआएँ,

जो तुझ तक पहुँचकर मेरी रूह को चैन दें।


मेरे हिस्से का इंतज़ार,

जो तेरे आने से मुस्कान में बदल जाए।


मेरे हिस्से की तन्हाई,

जो तेरी बातों से रंगीन हो उठे।


मेरे हिस्से का सपना,

जो तेरे साथ सच बन जाए।


मेरे हिस्से का रास्ता,

जो तेरे कदमों के निशान से सजे।


मेरे हिस्से की मंज़िल,

जो तेरे हाथों में हाथ डालकर पूरी हो।


मेरे हिस्से की किताब,

जिसमें हर पन्ना सिर्फ़ तेरा नाम लिखे।


मेरे हिस्से की कविता,

जिसका हर शेर तुझसे मोहब्बत कहे।


मेरे हिस्से का मौसम,

जो तेरे होने से हमेशा बहार बने।


मेरे हिस्से की दुनिया,

जो सिर्फ़ तेरे साथ ही पूरी लगे।


मुझे ज़्यादा कुछ नहीं चाहिए,

बस मेरे हिस्से का तू चाहिए।


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