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Anil Jaswal

Abstract

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Anil Jaswal

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मेरा गणतंत्र, एक मिसाल।

मेरा गणतंत्र, एक मिसाल।

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भारत है ऐसा देश,

पुरी दुनिया में,

जिसका नहीं कोई मेल,

इतनी भिन्नता,

इतनी विविधता,


अनेक भाषाएं,

अनेक धर्म,

अनेक समुदाय,

सैकड़ों रिती रिवाज,

अलग अलग खान पान,


इतना विशाल,

फिर भी लोकतंत्र,

लगता जैसे कोई महाद्वीप,

ऐसा है,

मेरा भारत महान।


हमारी समस्या,

मिल बैठ के सुलझाते,

बहुत मन मुटाव हो जाते,

काफी तल्खी आ जाती,

लेकिन जब भारत मां पे बात आती,

तो हमारी एकता देखने लायक होती।


हम बड़े बड़े तूफानों से गुजरे,

दुनिया को हुआ संशय,

अब ये मिट जाएंगे,

लेकिन हमारी मिट्टी में वो बात,


इसने पैदा किए,

ऐसे ऐसे लाल,

जिन्होंने वक्त की,

धाराएं बदल दी,

भारत मां पे,

आंच न आने दी।


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