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Vivek Netan

Romance

3  

Vivek Netan

Romance

मेंहदी लगे हाथ

मेंहदी लगे हाथ

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जगाए है अब मुझे सारी सारी रात

तेरे यह हसीन मेंहदी लगे हाथ

खो गए है चैन ओ करार मेरे

जब से हुई है तुमसे मुलाकात


हालत मेरी यह क्या हो गई है

जिंदगी मेरी तुझ में ही खो गई है

चैन अब मिलता ही नहीं कहीं भी

जाने कैसी आई है अब के बरसात


कटता है यही सोच सोच कर के दिन

कैसे सुनाए तुम्हें हाल ए दिल

देखते ही तुझ में ही खो जाता हूँ मैं

तुम कहो कैसे कहे दिल की बात


जब से हम तेरे दीवाने हुए हैं

खुद से ही हम अनजाने हुए हैं

होठों से गर मैं कुछ न कह पाऊँ

आँखों से ही समझ लो ना मेरे जज्बात


इतना प्यार अजनबी तुझ से करता हूँ

के रोज़ तेरे नाम के सजदे करता हूँ

ख़ुदा को भी मैं भूल जाऊँगा

गर मिल जाए जो मुझे तेरा साथ



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